
तानिया गुर्जर
क्क्षा-10
संवित् शिक्षण संस्थान सी. सै. स्कूल, बीकानेर
जैसा कि हम सभी जानते हैं कि पूरा विश्व वर्तमान में कोविड-19 नामक बीमारी से जूझ रहा है। इस बीमारी को विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा एक वैश्विक महामारी घोषित किया गया है। इस कारण भारतवर्ष में भी अन्य देशों की भांति इस बीमारी की रोकथाम हेतु लॉकडाउन लगाकर, सोशल डिस्टेंसिंग रखकर सावधानी से रहने की हिदायत दी जा रही है। इसी कारण भारत में सभी स्कूल, कॉलेज, कोचिंग संस्थाएं तथा अन्य शैक्षणिक संस्थाएं बंद चल रही हैं। बीकानेर में भी कोरोना के कारण सभी स्कूले बंद हैं जिससे छात्रों को नियमित शिक्षा नहीं मिल पा रही है । इस समस्या के निदान हेतु विद्यालयों द्वारा ऑनलाइन शिक्षा देने का एक प्रयास किया जा रहा है।
भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी जब देश में सूचना और संचार क्रांति लाए तब उनका बहुत विरोध किया गया था किंतु गौरव का विषय है कि भारत आज एक बहुत बड़ी डिजिटल शक्ति है। पूर्व राष्ट्रपति व भारतरत्न डॉक्टर अब्दुल कलाम ने शिक्षा व्यवस्था के विकास में सूचना और संचार की भूमिका के बारे में अपने विचार व्यक्त किये थे कि आने वाले समय में दूरस्थ शैक्षिक कार्यक्रमों को देश के प्रत्येक क्षेत्र में सफलता से व्यवहारिक बनाने के लिए तीन तरह के कार्यक्रम आवश्यक हैं- संपर्क, प्रसारण और उत्पादन एवं उसका प्रचार। वर्तमान समय डॉक्टर अब्दुल कलाम के विचारों को साकार करने का एक सुनहरा अवसर हम सबको प्राप्त हुआ है जिसको हमें अवसर में बदलकर उनके सपनों को साकार करना है।
कोरोना वायरस जनित वर्तमान परिस्थिति में मनुष्य जाति को हर क्षेत्र में नुकसान हो रहा है और इससे मनुष्य विकास से जुड़ी प्रत्येक व्यवस्था में बाधा उत्पन्न हो रही है। लेकिन विज्ञान का चमत्कार इंटरनेट इस गंभीर स्थिति में एक वरदान के रूप में साबित हो रहा है। इस समय ऑनलाइन क्लासेज एक साधन है जो मानव विकास में एक सहयोगी बना है तथा विद्यार्थियों को घर बैठे बैठे अपने विद्यालय के शिक्षकों से जोड़ता है। इससे विद्यार्थी अपना अमूल्य समय विद्या में दे पा रहे हैं और सीख पा रहे हैं कि वे मोबाइल, कंप्यूटर, व लैपटॉप आदि का सही उपयोग कैसे करते हैं। वे स्वयं को अनुशासन में रखते हुए यह जान पा रहे हैं कि इंटरनेट और मल्टीमीडिया जैसे साधन उनके लिए कितने उपयोगी हो सकते हैं। वे स्वयं अध्ययन करके आत्मनिर्भर बन रहे हैं।
ऑनलाइन क्लासेज के माध्यम से माता पिता और बच्चे अपने शिक्षक के साथ बातचीत करके बिना किसी खतरे के इंटरनेट को अपने विकास में सहायक बना पा रहे हैं । ऑनलाइन क्लासेज के अनेक लाभ हैं बस उचित दृष्टिकोण की आवश्यकता है ।
कोविड-19 की समस्या भी एक युद्ध के समान है लेकिन इसे सीमा पर नहीं अपितु घर पर रहकर, सोशल डिस्टेंसिंग रखकर लड़ा जा रहा है। इस समय हमें शांति और विवेक से योजना बनाकर इस गंभीर परिस्थिति को अवसर में बदलना है। जैसा कि हमारे प्रधानमंत्री प्रधानमंत्री बार-बार देश को आह्वान कर रहे हैं और हमारा कर्तव्य बनता है कि हम इस भीषण त्रासदी को एक अवसर में बदलने की कोशिश करें तथा हम प्रत्येक क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनें । देश हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व में आत्मनिर्भरता की ओर चल पड़ा है बस आवश्यकता है कि प्रत्येक भारतीय को इसमें योगदान दे।
