नाटक ‘अवरुद्ध बचपन’ का प्रभावी मंचन
प्रस्तुति देख भावुक हुए दर्शक अवरुद्ध बचपन- एक समीक्षात्मक रिपोर्ट रमेश शर्मा,रंगकर्मी शाद्वल@बीकानेर। कला साहित्य, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग, राजस्थान के सहयोग से रंगकर्मी सुरेश आचार्य के निर्देशन में नाटक…
An Oasis of Optimism
प्रस्तुति देख भावुक हुए दर्शक अवरुद्ध बचपन- एक समीक्षात्मक रिपोर्ट रमेश शर्मा,रंगकर्मी शाद्वल@बीकानेर। कला साहित्य, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग, राजस्थान के सहयोग से रंगकर्मी सुरेश आचार्य के निर्देशन में नाटक…
गोविन्द जोशी शिक्षाविद्, संस्कृतिकर्मी, साहित्यकार (हिन्दी एवं राजस्थानी) साहित्य जगत के देदीप्यमान सूर्य से अधिक एक तपस्वी मेरे पिता तुल्य पूज्य गुरुदेव भवानीशंकर जी व्यास ‘विनोद’ के बारे में स्मृतिशेष…
प्रो. नव संगीत सिंह डॉ. भाई वीर सिंह बीसवीं सदी के एक प्रसिद्ध पंजाबी लेखक और युगपुरुष हो चुके हैं, जिनको भारत के दार्शनिक डॉ. एस. राधाकृष्णन ने ‘भारत की…
गोविन्द जोशी शिक्षाविद्, संस्कृतिकर्मी, हिन्दी एवं राजस्थानी के साहित्यकार राजस्थानी के समर्थ, सुरीले गीतकार, रूपमाधुरी जैसी अनेक राजस्थानी कालजयी रचनाओं के सर्जक, रंगमंच के अभिनेता, निर्देशक, संगीतकार, अद्वितीय शिक्षक, राजस्थानी…
Report by: Rajni Chhabra Multi-lingual Poetess and Translator Participant in the event as Resource Person & Poetess Two days interdisciplinary Conference on Culture, Values and Ethics was organized by the…
विवेक मित्तल समाजसेवी, विचारक एवं पत्रकार भारतीय लोक-जीवन में लोक देवताओं का अत्यन्त ही महत्वपूर्ण स्थान है। राजस्थान में भी अनेक लोक देवताओं की यहाँ के जनमानस में इनके प्रति…
इला पारीक व्याख्याता हिन्दी राजकीय उच्च अध्ययन शिक्षा संस्थान, बीकानेर। भारतवर्ष को प्राचीन काल में आर्यावर्त के नाम से जाना जाता था ।इसके उत्तर में हिमाच्छादित हिमालय तथा सुदूर दक्षिण…
डॉ. श्रीमती बसन्ती हर्ष मानद् शोध निदेशक मुख्य सम्पादिका, पुष्करणा सन्देश (मासिक पत्रिका) इतिहास साक्षी है कि सभ्यता के उदय के साथ ही ऋतु क्रम की स्थिति के अनुसार मानव…
श्रीडॅूंगरगढ (बीकानेर)। लोकप्रिय जनकवि कॉमरेड त्रिलोक शर्मा की स्मृति में 19 दिसम्बर को राष्ट्रभाषा हिन्दी प्रचार समिति द्वारा समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसमें श्रीडॅूंगरगढ के प्रथम पत्रकार व नगरपालिका के…
प्रेरणादायक दिव्य विभूति का अवतरण डॉं. श्रीमती बसन्ती हर्ष, बीकानेर हमारी प्राचीन भारतीय संस्कृति को अब तक महत्ता व गरिमा प्रदान करने का मुख्य श्रेय हमारे दूरदृष्टा मनीषी पूर्वजों को…