Thu. Oct 15th, 2026

Author: Dr. Abhaya Singh Tak

मौन की साधना, कर्म की रोशनी : श्री श्याम महर्षि

भगवती पारीक ‘मनु’ श्रीडूंगरगढ़ (राज.) हर समय को कुछ ऐसे लोग मिलते हैं, जो अपने लिए नहीं, समय के बाद आने वालों के लिए रास्ते बनाते हैं। वे बहुत कुछ…

जन्माष्टमी पर्व का दर्शन

मधुबाला शर्मा, जयपुर भाद्रपद माह के कृष्ण-पक्ष की अष्टमी जन्माष्टमी पर्व के रूप में मनायी जाती है। इसी दिन पूर्ण पुरुष भगवान् श्रीकृष्ण का अवतार हुआ था। सृष्टि के इतिहास…

संत तुलसीदास: भक्ति और समरसता के संवाहक

मधुबाला शर्मा, जयपुर सनातन धर्म की भक्ति परंपरा में गोस्वामी तुलसीदास का नाम सूर्य की भाँति देदीप्यमान है। श्रावण शुक्ल सप्तमी, विक्रम संवत 1554 को उत्तर प्रदेश के बांदा जिले…

आध्यात्मिक जीवन में गुरु का महत्त्व

मधु बाला शर्मा, जयपुर नमः शिवाय गुरवे सच्चिदानन्दमूर्तये। निष्प्रपंचाय शान्ताय निरालम्बाय तेजसे।। गुरु पूर्णिमा को अनुशासन पर्व भी कहा जाता है और गुरुजनों का अनुशासन स्वीकार किए बिना कुशलता में…

मुहर्रम: त्याग, न्याय और सत्य की रक्षा और अज़मत वाला महीना

अफज़ल है कुल जहान में घराना हुसैन का नबियों का ताजदार है नाना हुसैन का कुंवर नियाज़ मुहम्मद, इस्लामी स्कॉलर ,बीकानेर मुहर्रम क्या है? यह कोई त्योहार नहीं है बल्कि…

नाटक ‘अवरुद्ध बचपन’ का प्रभावी मंचन                                        

प्रस्तुति देख भावुक हुए दर्शक अवरुद्ध बचपन- एक समीक्षात्मक रिपोर्ट रमेश शर्मा,रंगकर्मी शाद्वल@बीकानेर। कला साहित्य, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग, राजस्थान के सहयोग से रंगकर्मी सुरेश आचार्य के निर्देशन में नाटक…

वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप

मधुबाला शर्मा, जयपुर अरे घास री रोटी ही, जद बन बिलावड़ो ले भाग्यो। नान्हों सो अमरचो चीख पड़्यो, राणा रा सोयो दुख जाग्यो।। हूँ लड़्यो घणो, हूँ सह्यो घणो, मेवाड़ी…

ग्रामीण सपनों से औद्योगिक सफलता तक

जीआरआई–यामाहा ट्रेनिंग स्कूल की प्रेरणादायक यात्रा प्रोफेसर एल.राजा विचारक-चिंतक तमिलनाडु के ग्रामीण अंचलों में, जहाँ कभी युवाओं के लिए कौशल-आधारित रोजगार के अवसर सीमित थे, वर्ष 2015 में एक परिवर्तनकारी…

भारतीय युवा का सपना

प्रोफेसर एल.राजा शिक्षाविद-चिंतक सुबह के 2:45 बजे थे जब मैं मदुरै पहुँचा; त्रिवेंद्रम से अपनी यात्रा के बाद भी रात अभी भी खामोशी में लिपटी हुई थी। मैंने अभी-अभी छह…