वरिष्ठ शिक्षकों ने विभिन्न माँगों को लेकर निदेशालय परिसर में चलाया स्वच्छता अभियान

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राजस्थान वरिष्ठ शिक्षक संघ रेस्टा का शिक्षा निदेशालय पर धरना जारी

शिक्षा निदेशक से सकारात्मक वार्ता, लेकिन मांगें पूरी नहीं होने तक जारी रहेगा धरना

शाद्वल@बीकानेर। राजस्थान वरिष्ठ शिक्षक संघ रेस्टा के बैनर तले विभिन्न माँगो को लेकर माध्यमिक शिक्षा निदेशालय बीकानेर के सामने अनिश्चितकालीन क्रमिक धरना लगातार जारी होने के साथ वरिष्ठ अध्यापकों में विभिन्न मांगों को लेकर भारी आक्रोश भी है। राजस्थान वरिष्ठ शिक्षक संघ रेस्टा के प्रदेशाध्यक्ष भेरूराम चौधरी ने बताया कि पिछले काफी समय से लम्बित चल रही मांगों को लेकर संगठन द्वारा मजबूर होकर अनिश्चितकालीन धरना दिया जा रहा है।

रेस्टा के प्रदेश प्रवक्ता बसन्त कुमार ज्याणी ने बताया कि रेस्टा के बैनर तले चल रहे धरने के चौथे दिन प्रदेश के विभिन्न जिलों से आये हुए वरिष्ठ अध्यापकों ने हाथों में झाड़ू लेकर निदेशालय परिसर की साफ सफाई करते हुए स्वच्छता अभियान चलाकर विभिन्न मांगों की ओर विभाग का ध्यानाकर्षण करवाया।

संगठन के प्रतिनिधि मण्डल ने निदेशालय के अलग अलग अनुभागों में सभी अधिकारियों व शिक्षा निदेशक से मुलाकात करके ज्ञापन सौंपा। शिक्षा निदेशक व अन्य अधिकारियों द्वारा सकारात्मक वार्ता करते हुए विभाग द्वारा सभी मांगों का प्रस्ताव सरकार तक भेजने की बात कही।

संगठन के प्रदेशाध्यक्ष भेरूराम चौधरी ने बताया कि जब तक हमारी मांगों पर कोई लिखित समझौता नहीं किया जाएगा तब तक अनिश्चित काल के लिए धरना जारी रहेगा।

प्रदेश महामंत्री मदन गढ़वाल ने बताया कि कहा कि अभी हाल ही में शिक्षा निदेशालय द्वारा  डीपीसी हेतु जारी पात्रता सूची में लगभग दस हजार वरिष्ठ अध्यापकों को पुरानी वरिष्ठता सूची में पात्र होने के बावजूद भी बिना किसी कारण के अपात्र घोषित कर सूची से हटा दिया गया जबकि उनसे पिछले 4-5 वर्षों से विभाग द्वारा एसीआर मंगवाईं जा रही है, अब अचानक ही नए शिक्षा नियमों को पूर्व से मानते हुए लगभग 10 हजार की भारी सँख्याबल में वरिष्ठ अध्यापकों को सूची से हटा दिया गया है, जो कि सरासर गलत व प्रमोशन का इंतज़ार कर रहे शिक्षकों के साथ अन्याय है। नये सेवा नियमों में संशोधन होने से पूर्व असमान विषयों में डिग्री प्राप्त कर चुके व स्नातक में एडिशनल विषय मे डिग्री प्राप्त कर चुके वरिष्ठ शिक्षकों को पात्र मानते हुए विभागीय डीपीसी की माँग जोर पर है।

   रेस्टा के प्रदेश प्रवक्ता बसन्त कुमार ज्याणी  ने बताया कि राज्य शैक्षिक एवं अधीनस्थ संशोधित नये सेवा नियमों की पदोन्नति की विसंगतियों दूर करने, माध्यमिक शिक्षा में 2015 को लागू स्टाफिंग पैटर्न की प्रति दो वर्ष बाद समीक्षा करते हुए नामांकन अनुसार पदों का निर्धारण करने का प्रावधान होने के बावजूद भी 7 वर्षों में एक बार भी स्टाफिंग पैटर्न की समीक्षा नहीं की गई है, जबकि विद्यालयों में 12 लाख नामांकन की वृद्धि हुई है।

      प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष मनोज नालिया ने बताया कि स्टाफिंग पैटर्न की समीक्षा करने, प्रदेश के सभी उच्च माध्यमिक विद्यालयों में अनिवार्य विषयों हिंदी अंग्रेजी के व्याख्याता पद सृजन करने, एक भर्ती से चयनित वरिष्ठ अध्यापकों को अलग अलग समय मे नियुक्ति मिलने पर समान भर्ती का नोशनल व वरिष्ठता का लाभ देने, वरिष्ठ अध्यापकों के अंतर मण्डल स्थानांतरण पर वरिष्ठता विलोपन नहीं करने, राज्य शैक्षिक एवं अधीनस्थ संशोधित नये सेवा नियमों की विसंगतियों दूर करने, वॉइस प्रिंसिपल पदों पर 50 फीसदी सीधी भर्ती करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर निदेशालय पर लगातार धरना दिया जा रहा है।

चौथे दिन धरना स्थल पर ये रहे मौजूद

प्रदेशाध्यक्ष भेरूराम चौधरी, प्रदेश महामंत्री मदन गढ़वाल, प्रदेश सभाध्यक्ष टोडा राम गोलिया, प्रदेश मुख्य संरक्षक सुरेंद्र सहारण, प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष मनोज नालिया, प्रदेश प्रवक्ता महेश सेवदा, हरी राम जाखड़, जगदीश मील, रामावतार भदाला,  मुकेश जांगिड़, विजेन्द्र नेहरा, नेमीचंद निठारवाल, बीकानेर जिला अध्यक्ष ललित चौधरी, सीकर जिलाध्यक्ष प्यारेलाल ढाका, प्रतापगढ़ जिलाध्यक्ष मोहनलाल खराड़ी, गंगानगर जिलाध्यक्ष सुरेश विश्नोई जोधपुर से रेणु वर्मा, कृति  कटियार सहित सैकड़ों वरिष्ठ अध्यापक उपस्थित रहे।

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