सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की शिक्षा विभाग की एस एल पी
एक दो दिन में ही पी एस पी पोर्टल पर शुरू होगा फीस अपडेशन प्रोसेस

गिरिराज खैरीवाल
आरटीई के अंतर्गत बकाया भुगतान शीघ्र ही शुरू होने वाला है। वित विभाग ने 500 करोड़ रुपये की स्वीकृति सत्र 2022-23 हेतु जारी कर दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार निदेशालय ने इस संबंध में सरकार के पास प्रस्ताव भी भेज दिया है। प्रस्ताव स्वीकृति होते ही भुगतान प्रोसेस शुरू कर दिया जाएगा। सत्र 2019-20 से सत्र 2021-22 तक का बकाया भुगतान ( आफलाइन 2020-21 व बैरियर के अलावा) किया जाएगा।सत्र 2021-22 के अंतर्गत प्रथम क्लेम का भुगतान सत्र 2018 -19 के अनुसार होगा लेकिन द्वितीय क्लेम का भुगतान सत्र 2021-22 के हिसाब से किया जाएगा। डिफरेंस अमांउट सेंकड क्लेम के साथ मैनेज की जाएगी। फीस अपडेशन के लिए पोर्टल पर प्रोसेस एक दो दिन में ही शुरू कर दिया जाएगा।
वंचित स्कूल्स ऐसे कर सकते हैं आनलाईन
जिन स्कूलों ने सत्र 2021-22 में बच्चों के प्रवेश की एंट्री ( कक्षा आठवीं तक) आनलाईन नहीं की है, वे ऐसे बच्चों की पूरी सूची बनाकर निदेशालय की आरटीई सैल के माध्यम से एंट्री करवा सकते हैं।जो स्कूल प्रोफाईल अपडेट नहीं कर सके, उन्हें चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि उन्हें गत वर्ष की प्रोफाइल के आधार पर आरटीई के अंतर्गत प्रवेश प्रक्रिया में शामिल कर लिया गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की शिक्षा विभाग की एस एल पी
स्कूल फोरम द्वारा स्कूल क्रांति संघ के माध्यम से लगाई गई याचिका (ऑनलाइन शिक्षण सत्यापन प्रक्रिया को चुनौती वाली + ऑफलाइन एड करने वाली) के विरुद्ध राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एस एल पी दायर की थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने अस्वीकार करते हुए कहा कि इस संबंध में वे किसी तरह का हस्तक्षेप नहीं करेंगे। इस संबंध में 16 दिसंबर 2021 को हाईकोर्ट ने अंतरिम आदेश जारी कर प्रार्थी स्कूल्स को भुगतान की प्रक्रिया में शामिल करने के लिए सरकार को आदे दिए थे। बाद में सरकार ने इस अंतरिम आदेश के विरुद्ध हाईकोर्ट में अपील की थी जिसे हाईकोर्ट ने 10 मार्च को रिजेक्ट कर दिया। इसके बाद विभाग ने अपीलार्थी स्कूल्स के लिए पोर्टल पर आफलाइन शिक्षण का आप्शन शुरू करते हुए 18 अप्रैल से 28 अप्रैल तक एंट्री शुरू कर दी थी और सुप्रीम कोर्ट में एस एल पी भी लगा दी। हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश के अंतर्गत 419 प्रार्थी स्कूल के डाटा लिए गए हैं और इस आधार पर स्वराज के 400 स्कूल तथा स्कूल क्रांति संघ के (निसा के माध्यम से) 800 से अधिक स्कूलों ने भी कोर्ट की शरण ली है। सेवा के माध्यम से भी सैंकड़ों स्कूल्स कोर्ट में रिट में सम्मिलित होने के लिए लाईन में लग चुके हैं।
वंचित पात्र सभी स्कूल्स को भुगतान हेतु शिक्षा मंत्री ने दिया पुनः आश्वासन
1 व 3 मई को बीकानेर प्रवास के दौरान राज्य के शिक्षा मंत्री डॉ बी डी कल्ला से प्राईवेट एज्यूकेशनल इंस्टीट्यूट्स प्रोसपैरिटी एलायंस (पैपा) के पदाधिकारियों के साथ हुई बातचीत के दौरान डॉ कल्ला ने सत्र 2020-21 के अंतर्गत आरटीई का भुगतान सभी वंचित पात्र स्कूल्स को किए जाने हेतु पूरा आश्वासन दिया है। साथ ही 2018 – 19 के द्वितीय किश्त के अंतर्गत 30 नवंबर के बैरियर सहित अन्य सभी बैरियर हटाने हेतु भी शिक्षा मंत्री ने पूरा आश्वासन भी दिया है।
