अखिल सिंह राजपुरोहित@शाद्वल
बोईशाली को बचपन से ही प्रकृति और संस्कृति को कैमरे में कैद करने में का शौक था, जुनून था और यह जुनून ही इन्हें 13 वर्ष पूर्व मुंबई ले आया। आज बोईशाली प्रोफेशनल फोटोग्राफर बनने के अपने सपने को साकार रूप में जी रही हैं। एक फोटोग्राफर के रूप में पहली बार इन्होंने बॉलीवुड स्टार कंगना रनौत के साथ काम किया। एक छोटे से शहर से साधारण परिवेश से निकली एक असाधारण लड़की ने मुंबई में अपने आप को स्थापित किया है। शाद्वल के लिए बोईशाली से बात करने का अवसर मिला। बोईशाली लाहिरी से लिए गए एक छोटे किंतु सार्थक इंटरव्यू के अंश यहां प्रस्तुत किए जा रहे हैं।
शाद्वल आपका हार्दिक अभिनन्दन करता है बोईशाली… कृपया अपने बारे में कुछ बताइए।
जवाब – सबसे पहले तो मेरा अभिनन्दन के लिए थैंक यू वैरी मच अखिल। प्रोफेशनल रूप से मैं एक वीएफएक्स स्टूडियो में आर्टिस्ट मैनेजर हूं। मैं मूल रूप से एक छोटे से शहर बिलासपुर, छत्तीसगढ़ की रहने वाली हूँ। बचपन से मुझे घूमने- फिरने और अपने सामने घटित होने वाली घटनाओं या यूँ कहिए विभिन्न मैमोरीज को कैमरे में कैद करना बहुत पसंद रहा है। मेरे लिए यह सिर्फ शौक नहीं है। मैं उन लम्हों को कैद करके रखना चाहती हूँ जिन्हें हम फिर से कभी नहीं जी पाते हैं। देश-विदेश में भी भ्रमण के खूब अवसर मिले हैं किंतु भारत भारत ही है। विदेश में घर वाली फीलिंग कम ही महसूस होती है।
भारत भ्रमण के बारे में कुछ बताएं बोईशाली।

जवाब – विविधताओं से भरा भारत हर पल नवीनता का अनुभव करवाता है। जब भी अतिरिक्त समय मिलता है, मेरा कैमरा अपने सपनों को पूरा करने मुझे अपने साथ खींच ले जाता है। फिर वो चाहे समुद्र के किनारे रहने वाले मछुआरों की दुनिया हो या फिर लोगों के तीज-त्यौहार।
आपके लिए प्रकृति अधिक महत्वपूर्ण या संस्कृति?
जवाब – प्रकृति और संस्कृति दोनों ही महत्वपूर्ण हैं। दोनों का ही संरक्षण आवश्यक है। विकास भी आवश्यक है। मेरा मानना है कि हमें समय के साथ-साथ चलना चाहिए। किंतु यह भी आवश्यक है कि हमारी धरोहर निरंतर समृद्ध होती जाए।
राजस्थान आपको कुछ अलग कैसे लगा?
जवाब – राजस्थान के लोगों में गज़ब क अपनापन है। राजस्थान के लोगों में आज भी मासूमियत बाकी है। यहाँके लोगों से बहुत स्नेह मिला। यहां का खान-पान भी अनूठा है। बीकानेरी भुजिया, रसगुल्ला, मलाई घेवर बहुत शानदार व्यंजन हैं। दाल बाटी चूरमा भूल ही नहीं सकते। जोधपुर के सूर्या की मोगर कचौरी और मिर्ची बड़ा हमेशा याद रहता है।
राजस्थान में भी आपको कौनसा शहर कुछ अलग लगा?

जवाब – जैसलमेर ने मुझे सबसे अधिक प्रभावित किया है। जैसलमेर की लोक-संस्कृति अद्भुत है। जैसलमेर के कुछ लोगों से ऐसे लोगों के साथ कुछ समय व्यतीत किया जिनकी सुबह-शाम रेगिस्तान में ही होती है और रात भी रेगिस्तान में ही कटती है। इन लोगों की लाइफ स्टाईल को देखकर इस सच्चाई से रूबरू होना पड़ा कि जिंदगी इतनी खूबसूरत होती नहीं है जितनी दिखाई देती है। संघर्ष में भी छोटे-छोटे बच्चे कितनी गर्मजोशी से जीवन का आनंद ले रहे हैं, देखते ही बनता है। ऐसे बच्चों को नमन है। भगवान की कृपा हुई और आप लोगों की मदद मिली तो भविष्य में इन बच्चों की बेहतरी के लिए मैं निश्चित ही कुछ करना चाहूंगी।

वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफी के बारे में आप क्या कहेंगी?
जवाब – वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफी बहुत, बहुत वास्ट सब्जेक्ट है। वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफी का एक अलग ही क्रेज है किंतु फिलहाल मैं इसमें नहीं हू। वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफी बड़ी मुश्किल है। इंसान को तो आप समझा सकते हैं, बता सकते हैं कि किस एंगल पर फोटोग्राफी होनी है लेकिन आप किसी जानवर या किसी बर्ड को रोक नहीं सकते कि आप ऐसा पोज दे दीजिए या वैसा।
आपका रोल मॉडल कौन रहा है?
जवाब- बॉलीवुड में मेरी इंस्पिरेशन कंगना रनौत रही हैं। एक छोटे से शहर से आकर कोई फिल्मी बैकग्राउंड न होते हुए भी कंगना ने जिस तरह खुद को स्थापित किया है वे अद्वितीय हैं।
आप एक आर्टिस्ट मैनेजर हैं और फोटोग्राफर भी। तो आपका पेशा कितना चुनौतीपूर्ण है?
जवाब – देखिए, फोटोग्राफी मेरा जुनून है और मैं एक फोटोग्राफर के रूप में हर पल का आनंद लेती हूं। कलाकार को प्रबंधित करना मेरा कौशल है। यह निश्चित रूप से काफी चैलेंजिंग रहा है लेकिन दोनों को मैनेज करना मजेदार लगता है।
करियर के लिए ग्लैमर को छोड़कर आपने फोटोग्राफी का चुनाव कैसे किया?
जवाब – सच कहूँ, फोटोग्राफी मेरे लिए सिर्फ करियर नहीं है। यह एक सपना है जिसे मैं जी रही हूँ। आप कोई भी काम करें; शिद्दत से करें, सफलता आपके आलिंगन के लिए हमेशा तैयार रहती है।
महिलाओं के लिए फोटोग्राफी के क्षेत्र में क्या संभावनाएं हैं?
जवाब – यह अलग बात है कि हमारी इंडस्ट्री में पुरुषों की संख्या महिलाओं के मुकाबले बहुत ज्यादा है किंतु अब समय तेजी के साथ बदल रहा है। महिलाओं के लिए फोटोग्राफी में विपुल संभावनाए हैं। यद्यपि हमारे समाज में पुरुष तथा महिला के लिए एक सीमा निर्धारित कर दी जाती है कि किसको क्या करना चाहिए किंतु महिलाएं यदि ठान लें तो फिर उन्हें रोक पाना किसी के बस की बात नहीं हैं। मैं चाहूंगी कि राजस्थान की महिलाएं फोटोग्राफी में भी आगे आएं। यहां कि लड़कियां इस क्षेत्र में अपना हुनर दिखाएं और इसके लिए मैं हमेशा उनकी मदद के लिए तैयार हूँ।

