डॉ. चन्द्रशेखर श्रीमाली
कॅरिअर काउन्सलर
12वीं के बाद रीतेश को समझ में नहीं आ रहा है कि क्या करे? कौन सा सब्जेक्ट चुने, जिससे उसकी जिंदगी संवर जाए। परिवार के लोग चाहते है कि वहं कॉमर्स को लेकर ही आगे की पढ़ाई करे। उसके दोस्त साइंस और मैनेजमेंट कोर्स में एडमिशन ले रहे है और उसके दोस्त भी उसे एसे ही किसी कोर्स में एडमिशन लेने की सलाह दे रहे हैं, लेकिन उसका मन आर्ट साइड लेने का कर रहा है। अब उसकी समझ में नहीं आ रहा है कि वह करे तो क्या करे?
दरअसल यह उलझन सिर्फ रीतेश की नहीं है। 12 वीं के बाद उसकी तरह कई स्टूडेंट्स इस दुविधा के शिकार हो जाते है। एक जमाना था, जब स्टूडेंट्स के सामने ज्यादा विकल्प नहीं थे। लेकिन आज कॅरिअर का चुनाव इतना आसान नहीं रह गया है। आज विकल्पों की भरमार है। आज तो 12वीं के पहले से ही स्टूडेंट्स के दिमाग में सवाल उठने लगते हैं कि ग्रेजुएशन करें या फिर कोई प्रोफेशनल या वोकेशनल कोर्स। अगर ग्रेजुएशन करना है तो इसके लिए कौन-सी स्ट्रीम चुनें। ऐसे में उलझन में पड़ जाना स्वाभाविक है।
इस बारे में मेरा मानना है कि इस मुकाम पर खड़े यूथ को सबसे पहले यह देखना चाहिए उसके योग्यता के हिसाब से मार्केट की क्या डिमांड है। वह किन क्षेत्रों में खुद को बेहतर साबित कर सकता है। इसका आकलन बहुत जरूरी है। यूथ को महज तात्कालिक लाभ के चक्कर में नहीं पडना चाहिए। उसे लॉन्ग टर्म फायदे के हिसाब से किसी कोर्स का चयन करना चाहिए।
ढेर सारे विकल्पों के बीच स्टूडेंट्स कन्फ्यूजन के शिकार हो जाते है। ऐसे में जरूरी है कि किसी भी रास्ते को चुनने से पहले मौजूदा सभी विकल्पों के बारे में अच्छी तरह से जान लेना चाहिए। स्टूडेंट्स को वही कोर्स चुनना चाहिए जो न केवल उनकी रूचि से मेल खाता हो, बल्कि उसकी ग्लोबल इम्पार्टेंस भी हो।
यहाँ 12 वीं के बाद तमाम प्रमुख कॅरिअर विकल्पों के बारे में बताया जा रहा है, लेकिन किसी भी राह को चुनने से पहले अपनी क्षमता, चॉइस और भविष्य में रोजगार मिलने की संभावना पर जरूर विचार कर लेना चाहिए।

प्रोफेशनल कोर्स का जलवा
12 वीं के बाद आप किसी प्रफेशनल कोर्स में भी एडमिशनल ले सकते है। आप आईटी और मैनेजमेंट से जुड़े कोई कोर्स कर सकते हैं। बैचलर ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट; बीबीए, बैचलर ऑफ कम्प्यूटर ऐप्लिेशंस (बीसीए) , डिप्लोमा इन होटल मैनेजमेंट ऐंड कैटरिंग टेक्नोलॉजी, बैचलर इन इंफॉर्मेशन टेक्नॉलजी (बीआईटी), रिटेल मैनेजमेंट, बीएससी कम्प्यूटर स्टडीज, डिप्लोमा इन ऐडवर्टाइजिंग, प्रमोशन एंड सेल्स मैनेजमेंट, ट्रैवल ऐंड टूरिज्म, फैशन डिजाइनिंग, इवेंट मैनेजमेंट, पब्लिक रिलेशन जैसे कोर्स करने के बाद आपको रोजगार की कमी नजर नहीं आएगी।
अगर आपमें जुनून है और देश के लिए कुछ करना चाहते हैं तो आपके लिए डिफेंस सर्विस (एनडीए) एक बेहतर विकल्प हो सकता है।
साइंस की राह
12 वीं के बाद किसी प्रतिष्ठित संस्थान से बीएससी या बीएससी ऑनर्सद्ध कर सकते है। आजकल बॉयोटेक्नॉलजी, जेनेटिक्स, इलेक्ट्र्निक्स जैसे विषयों में भी ग्रेजुएशन करने का विकल्प है। आप 12 वीं के बाद इंजिनियरिंग या मेडिकल कोर्स भी कर सकते हैं, लेकिन इसके लिए एंट्रेंस एग्जाम को पास करना जरूरी है।
कॉमर्स में विकल्प
यहां 12 वीं के बाद आप बी.कॉम. और बी.कॉम. ऑनर्स कर सकते हैं। कॉमर्स स्ट्रीम चुनने वालों के लिए भविष्य में एमबीए, सीएस, सीए, फाइनैंशल ऐनालिस्ट जैसे तमाम कॅरिअर के दरवाजे खुल जाते हैं।
ऑर्ट्स भी लाजवाब
ऑर्ट्स कोर्सेज को करने के बाद स्टूडेंट्स सिविल सर्विसेज के एग्जाम देते है और सिलेक्ट भी होते हैं। कुछ लोग तो पीजी में मुख्य विषय कोई ओर होने के बाद सिविल सर्विसेज के फाइनल पेपर में ऑर्ट्स सब्जेक्ट को चयन कर सफलता प्राप्त करे रहे है, इसलिए इस सब्जेक्ट को कम नहीं आंकना चाहिए। पहले माना जाता था कि ऑर्ट्स सब्जेक्ट से ग्रेजुएशन करने के बाद कॅरिअर के ऑप्शन बहुत कम रह जाते है, लेकिन अब यह सोच काफी बदल चुकी है। ऑर्ट्स में ऐसे कई विषय हैं, जिनकी पढ़ाई करके आप सरकारी और निजी क्षेत्र में अच्छा मुकाम हासिल कर सकते हैं। आप इकनॉमिक्स, साइकॉलजी, इतिहास, फिलॉसफी आदि विषयों के साथ ग्रेजुएट बन सकते है। ऑर्ट्स से ग्रेजुएशन के बाद आप सिविल सर्विसेज में जा सकते है। इसके अलावा एमबीए, जर्नलिज्म, मार्केट ऐनालिसिस टीचिंग, एंथ्रोपोलॉजी, हयूमन रिसोर्स, एमएसडब्यू आदि में भी आपके सामने कई विकल्प मौजूद हैं।
कम्प्यूटर साइंस की डिमांड
कम्प्यूटर साइंस की डिमांड काफी बढ़ गई है। कई कॉलेज में बीएससी ऑनर्स (कम्प्यूटर साइंस) कोर्स है। यह कोर्स करने के बाद कॅरिअर ऑप्शन की कोई कमी नहीं है।
क्या करें, क्या न करें?
मेरे मुताबिक किसी भी कोर्स को चुनने से पहले लॉन्ग टर्म में होने वाले फायदे और नुकसान पर नजर रखें। इन बातो को ध्यान रखें:
– पहले अपनी प्रतिभा और क्षकता को आंकिए और उसके अनुरूप ही किसी कोर्स का चयन कीजिए। इसमें आप किसी एक्सपर्ट की भी मदद ले सकते हैं।
-लुभावने विज्ञापनों से प्रभावित न हों और दूसरों की देखा-देखी कोर्स को न चुनें।
– संस्थान की मान्यता, फैकल्टी और प्लेसमेंट परफॉर्मेंस की जानकारी जरूर करें। इससे आप ठगी का शिकार होने से बच जाएंगे।
– अपनी रूचि का भी ध्यान रखें। मान लीजिए कॉमर्स मं पिछले कुछ सालों से बढते बूम को देखते हुए आप बिजनेस और फाइनेंस से जुड़े कोर्स करना चाहते है लेकिन आपकी इसमें कोई रूचि नहीं है तो ऐसे में भविष्य में आपकी सफलता संदिग्ध हो जाएगी।

Agar sabhi school iss tarah ki career guidance apne students ko dene lag jaaye..to najaane kitno hi parivartan ka bhavishya sanwar jaaye.. Bahut hi saraahniya article.. 🙏🙏
आलेख पढने के लिए आपका बहुत बहुत आभार है। यह गौरव का विषय है कि डॉ श्रीमाली संवित् शिक्षण संस्थान, बीकानेर सहित अनेक विद्यालयों में करियर काउंसलिंग के लिए कार्यशालाएं आयोजित करते रहते हैं।