Sun. Aug 30th, 2026

Category: History

भारतीय संस्कृति का अक्षुण्ण पावन पर्व : अक्षय तृतीया

डॉ. कृष्णा आचार्य साहित्यकार, कवयित्री बीकानेर वैशाख मास की शुक्ल पक्ष की तृतीया नेपाल व भारत में हिन्दुओं व जैनियों द्वारा नये उद्यम, विवाह सोने या अन्य संपति जैसे महंगे…

लोक कथाओं की समृद्ध विरासत देवनारायणजी, पाबूजी एवं रामदेवजी के फड़

विवेक मित्तल समाजसेवी, विचारक एवं पत्रकार भारतीय लोक-जीवन में लोक देवताओं का अत्यन्त ही महत्वपूर्ण स्थान है। राजस्थान में भी अनेक लोक देवताओं की यहाँ के जनमानस में इनके प्रति…

मर्यादा पुरुषोत्तम – भगवान श्री राम

डॉं. श्रीमती बसन्ती हर्ष प्रधान सम्पादक पुष्करणा सन्देश मासिक पत्रिका जिन्ह कर नामु लेत जग माहीं सकल अमंगल मूल नसाहीं करतल होहिं पदारथ चारी तेहि सिय रामु कहेउ कामारी सोई…

धरती से अंबर तक रस-रंग : बीकानेर की होली के संग

डॉ. कृष्णा आचार्य साहित्यकार, कवयित्री “जल ऊँडा थळ ऊजला, नारी नवले वेस पुरूष पटाधर नीमड़ौ, आइयो मरूधर देस” अपने प्राकृतिक सौन्दर्य व समृद्ध इतिहास की वजह से राजस्थान की रेत…

महात्मा गांधी का दर्शन और जीवन प्रबंध

प्रोफेसर डॉ. अजय जोशी संपादक- मरु नवकिरण बिस्सों का चौक, बीकानेर महात्मा गांधी का दर्शन एक व्यक्ति के सफल जीवन का मूल मंत्र हैं। उनका सम्पूर्ण व्यक्तित्व व्यक्ति को जीने…

 स्वामी विवेकानंद का अध्यात्म और अद्वैतवाद

डॉं. श्रीमती बसन्ती हर्ष शोध निदेशक मुख्य सम्पादक पुष्करणा सन्देश मासिक पत्रिका यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत।अभ्युत्थानमधर्मस्य तदात्मानं सृजाम्यहम्।। अर्थात् (श्री मद्भागवतगीता में श्री कृष्ण भगवान अर्जुन को उपदेश…

इटली के विद्वान डॉ. एल. पी. तैस्सितोरी

व्यक्तित्व व कृतित्व डॉं. श्रीमती बसन्ती हर्ष प्रधान सम्पादक पुष्करणा सन्देश बीकानेर ] जगद्जननी रत्नगर्भा माता वसुन्धरा ने अपनी कोख से अनेकानेक नर रत्नों को प्रसूत किया, जिन्होंने अपने अनवरत…

स्वाधीनता आन्दोलन में राष्ट्रभाषा हिन्दी का योगदान

इला पारीक व्याख्याता हिन्दी राजकीय उच्च अध्ययन शिक्षा संस्थान, बीकानेर। भारतवर्ष को प्राचीन काल में आर्यावर्त के नाम से जाना जाता था ।इसके उत्तर में हिमाच्छादित हिमालय तथा सुदूर दक्षिण…

बीकानेर के गौरवशाली इतिहास से प्रेरणा ग्रहण करें : दलीप सिंह राठौड़

बीकानेर@शाद्वल। बीकानेर के विकास एवं आधुनिकीकरण में बीकानेर राजपरिवार की प्रभावी भूमिका रही है। बीकानेर के शासक अपने राज्य और प्रजा के कल्याण के लिए हमेशा अग्रणी रहे हैं। शब्दरंग…