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Category: Heritage

आज के युग में नवरात्रि की प्रासंगिकता

डॉ. (श्रीमती) बसन्ती हर्ष या देवी सर्वभूतेषु मातृरूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:॥ मातृरूप स्वयं सदैव शक्ति स्वरूपा है। शक्ति के बिना शिव भी शव के समान प्रतीत होते…

‘श्रीकृष्ण जन्माष्टमी’ का महत्व तथा आपातकाल के समय भक्ति के साथ ‘श्रीकृष्ण जन्माष्टमी’ कैसे मनाएं?

कु. कृतिका खत्री,सनातन संस्था, दिल्ली पूर्ण अवतार श्रीकृष्ण ने भाद्रपद कृष्ण पक्ष अष्टमी को पृथ्वी पर जन्म लिया था । उन्होंने बचपन से ही अपने असाधारण कार्यों से भक्तों पर…

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी

प्रेरणादायक दिव्य विभूति का अवतरण डॉं. श्रीमती बसन्ती हर्ष, बीकानेर हमारी प्राचीन भारतीय संस्कृति को अब तक महत्ता व गरिमा प्रदान करने का मुख्य श्रेय हमारे दूरदृष्टा मनीषी पूर्वजों को…

कजली तीज

डॉं. श्रीमती बसन्ती हर्ष, बीकानेर गुरू पूर्णिमा के आगमन के साथ ही प्रकृति में नवीन परिवर्तन दिखाई देने लगते हैं । ग्रीष्म ऋतु के प्रकोप की कमी के साथ-साथ बरसात…

संवित् धारा सदैव प्रवाहित रहे…

डॉ अभय सिंह टाक श्री लालेश्वर महादेव मंदिर, शिवबाड़ी मठ के अधिष्ठाता और शंकरी परम्परा के महान संत स्वामी संवित् सोमगिरीजी महाराज के देवलोकगमन पर शोक छा गया। उनके अनुयायियों…

आध्यात्मिक चेतना के प्रतिष्ठित और प्रखर सूर्य हुए ब्रह्मलीन

शंकरी परंपरा के दिव्य संत का भूसमाधि से किया अंतिम संस्कार गिरिराज खैरीवाल सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों के प्रखर संवाहक, आधुनिक राजस्थान के स्वामी विवेकानंद, विद्वान संत, धर्म और…