Mon. Aug 31st, 2026

Category: Heritage

पर्वत-सी आभा लिए विराट व्यक्तित्व – श्री भवानीशंकर व्यास ‘विनोद’

राजाराम स्वर्णकार, बीकानेर वरिष्ठ हास्य-व्यंग्य कवि, शिक्षाविद, सम्पादक, प्रखर विचारक, समालोचक, संचालक, बहुमुखी व्यक्तित्व जिन्होंने अंग्रेजी, हिन्दी और राजस्थानी में विराट लेखन संसार रचा है। जन-जन के हृदय में रचा-बसा…

अज्ञान से ज्ञान की ओर उन्मुख करने का प्रतीक पर्व

डॉ. बसन्ती हर्ष मानद् शोध निदेशक मुख्य सम्पादिका ‘पुष्करणा सन्देश’ मासिक पत्रिका भारतीय संस्कृति में वर्ष पर्यन्त अनेकानेक पर्व मनाये जाते हैं। आनन्द और उल्लास प्रदान करने वाले इन पर्वों…

शिक्षा, योग और दर्शन की प्रतिमूर्ति: श्री अरविंद घोष

5 दिसंबर महानिवार्ण दिवस पर विशेष डॉ. कृष्णा आचार्य बीकानेर एक योगी, द्रष्टा, दार्शनिक, कवि और भारतीय राष्ट्रवादी थे- श्री अरविंद घोष। 15 अगस्त 1872 कोलकाता (तब कलकत्ता) में जन्मे…

‘दीपावली’, पुरुषार्थ व अपनत्व का प्रतीक पर्व

डॉ. श्रीमती बसन्ती हर्ष शोध निदेशक मुख्य सम्पादिका पुष्‍करणा संदेश (मासिक पत्रिका) दीपावली पर्व को हम प्रतिवर्ष अत्यन्त धूमधाम से मनाते आये हैं। वर्ष – पर्यन्त मनाये जाने वाले त्यौहारों…

प्यारे मेघ, आओ रे!

समसामयिक आलेख मोहनलाल जाँगिड़, बीकानेर काले काले रूई के ढ़ेर से उड़ते दौड़ते बादल बच्चों के क्या बड़ों के मन-मष्तिष्क पर छा जाते हैं। काले सघन बादल पानी से भरे…

सृष्टि के मूल में जो आनन्द तत्त्व है, वही गुरु है

विवेक मित्तल समाजसेवी, विचारक एवं पत्रकार बीकानेर जिस प्रकार सूर्य की किरणें पृथ्वी पर समान रूप से जगत के निवासियों को उजाला देती हैं ठीक उसी प्रकार गुरु भी अपने…

ऋतुराज वसंत और जीवन का नवोन्मेष

डॉ. कृष्णा आचार्य (साहित्यकार, कवयित्री), बीकानेर द्रुमाः सपुष्पाः सलिलं सपद्मं स्त्रियः सकामाः पवनः सुगन्धि:। सुखाः प्रदोषा दिवसाश्च रम्याः सर्वं प्रिये चारुतरं वसन्ते।। ऋतुसंहार (कालिदास) वसंत ’ऋतुराज’ कहलाता है। जब शिशिर…

महाशिवरात्रि की महिमा

डॉं. बसन्ती हर्ष प्रधान सम्पादक पुष्करणा संदेश (मासिक पत्रिका), बीकानेर हमारे देश में वर्ष पर्यन्त अनेकानेक प्रकार की पूजा, व्रत – उपवास, आदि प्रचलित हैं। उनमें ‘शिवरात्रि’ का व्रत व…