आज के युग में नवरात्रि की प्रासंगिकता
डॉ. (श्रीमती) बसन्ती हर्ष शोध निदेशक, बीकानेर या देवी सर्वभूतेषु मातृरूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमोनमः (मातृरूप स्वयं सदैव शक्ति स्वरूपा है। शक्ति के बिना शिव भी शव के समान…
An Oasis of Optimism
डॉ. (श्रीमती) बसन्ती हर्ष शोध निदेशक, बीकानेर या देवी सर्वभूतेषु मातृरूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमोनमः (मातृरूप स्वयं सदैव शक्ति स्वरूपा है। शक्ति के बिना शिव भी शव के समान…
डॉ. (श्रीमती) बसन्ती हर्ष मुख्य सम्पादक पुष्करणा संदेश, बीकानेर हमारी प्राचीन भारतीय संस्कृति को महत्व व गरिमा प्रदान करने का मुख्य श्रेय हमारे दूरदृष्टा मनीषी पूर्वजों को मिलना चाहिए जिन्होंने…
डॉ. श्रीमती बसन्ती हर्ष मुख्य सम्पादक पुष्करणा सन्देश (मासिक पत्रिका) प्रिय पाठकों! इन दिनों ग्रीष्म ऋतु की गर्मी से हम सभी प्राणी आकुल – व्याकुल हो रहे हैं। घरों में…
डॉं. श्रीमती बसन्ती हर्ष प्रधान सम्पादक पुष्करणा सन्देश मासिक पत्रिका अतीत की भारत भूमि में वीरों की स्वर्णिम कहानी है राजपूताने के इतिहास में प्रताप का नहीं कोई सानी है…
विवेक मित्तल समाजसेवी, विचारक एवं पत्रकार भारतीय लोक-जीवन में लोक देवताओं का अत्यन्त ही महत्वपूर्ण स्थान है। राजस्थान में भी अनेक लोक देवताओं की यहाँ के जनमानस में इनके प्रति…
डॉं. श्रीमती बसन्ती हर्ष प्रधान सम्पादक पुष्करणा सन्देश मासिक पत्रिका जिन्ह कर नामु लेत जग माहीं सकल अमंगल मूल नसाहीं करतल होहिं पदारथ चारी तेहि सिय रामु कहेउ कामारी सोई…
डॉ. कृष्णा आचार्य साहित्यकार, कवयित्री “जल ऊँडा थळ ऊजला, नारी नवले वेस पुरूष पटाधर नीमड़ौ, आइयो मरूधर देस” अपने प्राकृतिक सौन्दर्य व समृद्ध इतिहास की वजह से राजस्थान की रेत…
प्रस्तुति डॉ. बसन्ती हर्ष मुख्य सम्पादक पुष्करणा सन्देश (मासिक पत्रिका) भारतीय संस्कृति के इतिहास में पर्वों व त्यौहारों का अत्यन्त गौरवपूर्ण स्थान है। इन पर्वों की दृढ़ आधारशिला पर हमारे…
राजाराम स्वर्णकार ‘अहर्निशं सेवामहे’ यानी रात-दिन सेवा में लगे रहने की बात। किसकी सेवा? किसी व्यक्ति, समुदाय, प्रदेश या देश की? परिवार, उद्योग-व्यवसाय, सम्पति के अर्जन या संरक्षण की? किसी…
डॉं. श्रीमती बसन्ती हर्ष शोध निदेशक मुख्य सम्पादक पुष्करणा सन्देश मासिक पत्रिका सृष्टि के आदिकाल से ही धरा अपनी धुरी पर सूर्य की परिक्रमा करते हुए समय चक्र को गतिमान…