Mon. Aug 31st, 2026

Category: Art & Culture

प्यारे मेघ, आओ रे!

समसामयिक आलेख मोहनलाल जाँगिड़, बीकानेर काले काले रूई के ढ़ेर से उड़ते दौड़ते बादल बच्चों के क्या बड़ों के मन-मष्तिष्क पर छा जाते हैं। काले सघन बादल पानी से भरे…

सृष्टि के मूल में जो आनन्द तत्त्व है, वही गुरु है

विवेक मित्तल समाजसेवी, विचारक एवं पत्रकार बीकानेर जिस प्रकार सूर्य की किरणें पृथ्वी पर समान रूप से जगत के निवासियों को उजाला देती हैं ठीक उसी प्रकार गुरु भी अपने…

ऋतुराज वसंत और जीवन का नवोन्मेष

डॉ. कृष्णा आचार्य (साहित्यकार, कवयित्री), बीकानेर द्रुमाः सपुष्पाः सलिलं सपद्मं स्त्रियः सकामाः पवनः सुगन्धि:। सुखाः प्रदोषा दिवसाश्च रम्याः सर्वं प्रिये चारुतरं वसन्ते।। ऋतुसंहार (कालिदास) वसंत ’ऋतुराज’ कहलाता है। जब शिशिर…

महाशिवरात्रि की महिमा

डॉं. बसन्ती हर्ष प्रधान सम्पादक पुष्करणा संदेश (मासिक पत्रिका), बीकानेर हमारे देश में वर्ष पर्यन्त अनेकानेक प्रकार की पूजा, व्रत – उपवास, आदि प्रचलित हैं। उनमें ‘शिवरात्रि’ का व्रत व…

आज के युग में नवरात्रि की प्रासंगिकता

डॉ. (श्रीमती) बसन्ती हर्ष शोध निदेशक, बीकानेर या देवी सर्वभूतेषु मातृरूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमोनमः (मातृरूप स्वयं सदैव शक्ति स्वरूपा है। शक्ति के बिना शिव भी शव के समान…

प्रेरणादायक दिव्य विभूति का अवतरण

डॉ. (श्रीमती) बसन्ती हर्ष मुख्य सम्पादक पुष्करणा संदेश, बीकानेर हमारी प्राचीन भारतीय संस्कृति को महत्व व गरिमा प्रदान करने का मुख्य श्रेय हमारे दूरदृष्टा मनीषी पूर्वजों को मिलना चाहिए जिन्होंने…

गतिशीलता के पर्याय, सकारात्मक उर्जा के स्त्रोत – राजेन्द्र जोशी

राजाराम स्वर्णकार आज के इस आपाधापी के दौर में सकारात्मकता का मिलना मुश्किल है। इस दौर में व्यक्ति खुद के विकास और प्रोजेक्ट में लगा रहता है उसे दूसरे के…

पर्यावरण शुद्धि का महत्व

डॉ. श्रीमती बसन्ती हर्ष मुख्य सम्पादक पुष्करणा सन्देश (मासिक पत्रिका) प्रिय पाठकों! इन दिनों ग्रीष्म ऋतु की गर्मी से हम सभी प्राणी आकुल – व्याकुल हो रहे हैं। घरों में…